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हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. गंगोत्री ग्लेशियर प्रति वर्ष 28-30 मीटर पीछे हट रहा है. 1950 के बाद ग्लेशियरों के सिकुड़ने की दर तीन-चार मीटर प्रति वर्ष से बढ़कर 30-60 मीटर प्रति दशक हो गई है. यदि ग्लोबल वार्मिंग नहीं रोकी गई तो सदी के अंत तक हिंदूकुश हिमालय के 75-80% ग्लेशियर खत्म हो सकते हैं. इससे उत्तर भारत समेत एशिया की 50 करोड़ से ज्यादा आबादी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
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