Sudarshan News
आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा झटका लगा है, जहां राज्यसभा में उसके कई सांसदों की स्थिति को लेकर नया निर्णय सामने आया है। इस बदलाव के बाद उच्च सदन में राजनीतिक संतुलन प्रभावित हुआ है और भाजपा की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि AAP छोड़ने वाले सांसदों को अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ा हुआ माना जाएगा। इस फैसले के बाद सदन में भाजपा सांसदों की संख्या बढ़कर 113 तक पहुंच गई है। इस घटनाक्रम से पहले आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। उनका कहना था कि ये सांसद AAP के टिकट पर चुने गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर दूसरी राजनीतिक पार्टी का दामन थाम लिया। आप नेताओं ने इस कदम को दल-बदल कानून का उल्लंघन बताया और इसे जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात करार दिया। पार्टी ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इस मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ताजा आदेश के बाद पार्टी की मांग पर रोक लगती दिख रही है। हाल ही में कुछ सांसदों ने सार्वजनिक रूप से AAP से अलग होने की घोषणा की थी। इनमें प्रमुख नाम शामिल रहे, जिन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। दावा किया गया कि उनके साथ कई अन्य सांसद भी इस फैसले में शामिल हैं। पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने आरोप लगाया कि संगठन अपने मूल सिद्धांतों से भटक गया है। उनका कहना था कि राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर बदलाव के कारण यह निर्णय लिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि संविधान के तहत बड़ी संख्या में सांसद मिलकर दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
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