Sudarshan News
दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज के छात्रों ने हाल ही में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ संवाद किया। इस चर्चा में छात्रों ने खुलकर अपने विचार रखे और कैंपस से जुड़े कई मुद्दों पर सवाल उठाए। Really enjoyed meeting the young women from Gargi College and Delhi University. Two things are clear: 1.The magician has run out of tricks. Young India can see right through him. 2.Gen Z is our future - and Gen Z women will lead the way. It is our duty to open every door for… pic.twitter.com/DILa1cpfvO — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 26, 2026 छात्रों ने बातचीत के दौरान बताया कि परिसर में एबीवीपी से जुड़े लोगों की गतिविधियों के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया था। उनका कहना था कि संगठन के कुछ सदस्य जबरन कॉलेज के अंदर घुस आए, जिससे स्थिति बिगड़ गई। एक छात्र ने आरोप लगाया कि एबीवीपी से जुड़े लोगों ने कॉलेज का गेट तोड़कर परिसर में प्रवेश किया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। छात्रों ने यह भी बताया कि एबीवीपी के कुछ सदस्य प्रोफेसरों के लिए बने प्रवेश और निकास द्वार के बाहर बैठ गए थे। जब उन्हें वहां से हटने को कहा गया, तो वे आक्रोशित हो गए। एक अन्य छात्र के अनुसार, एक शिक्षक ने उन्हें हटाने की कोशिश की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर गेट तोड़ दिया गया तथा कुछ लोगों ने कपड़े तक फाड़ दिए और कॉलेज परिसर में प्रवेश कर लिया। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में सक्रिय नजर नहीं आए। राहुल गांधी ने इस बातचीत का वीडियो साझा करते हुए कहा कि देश की जेन-जी (युवा पीढ़ी) ही भविष्य का नेतृत्व करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब समय है जब युवा महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व संभालेंगी और उनके लिए हर अवसर का रास्ता खोला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों ने बातचीत के दौरान भारत के औपनिवेशिक इतिहास और सामाजिक असमानताओं जैसे विषयों पर भी चर्चा की। महिला आरक्षण और परिसीमन पर राहुल गांधी की राय चर्चा के दौरान हाल ही में पारित महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर भी बात हुई। राहुल गांधी ने इसके स्वरूप और लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2023 में सरकार ने महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी और उस समय विपक्ष ने भी इसका समर्थन किया था। लेकिन इसे लागू करने को अगली जनगणना तक टाल दिया गया है।राहुल गांधी के अनुसार, जो विधेयक लाया गया है, वह वास्तव में सिर्फ महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन से जुड़ा मुद्दा अधिक लगता है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया से देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों का राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, जबकि कुछ उत्तरी राज्यों को अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
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