Rajasthan Patrika
सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे रिश्ते से बाहर निकलना अपने आप में कोई अपराध नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में आपसी सहमति से बने संबंधों और यौन अपराधों के बीच स्पष्ट अंतर समझना बेहद जरूरी है। याचिका में महिला ने एक व्यक्ति पर शादी का झूठा वादा करके रेप और मारपीट का आरोप लगाया था।
Go to News Site