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भास्कर अपडेट्स:आधार पहचान का सबूत, जन्मतिथि का नहीं, इसे जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता देने का कोई प्रावधान नहीं | Collector
भास्कर अपडेट्स:आधार पहचान का सबूत, जन्मतिथि का नहीं, इसे जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता देने का कोई प्रावधान नहीं
Dainik Bhaskar

भास्कर अपडेट्स:आधार पहचान का सबूत, जन्मतिथि का नहीं, इसे जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता देने का कोई प्रावधान नहीं

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यूआईडीएआई के प्रमाणीकरण व सत्यापन प्रभाग ने 23 अप्रैल 2024 को जारी पत्र में कहा कि आधार का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की पहचान स्थापित करना है, न कि उसकी जन्मतिथि प्रमाणित करना। प्राधिकरण के अनुसार आधार अधिनियम, 2016 में पहचान के लिए आधार का उपयोग तो बताया गया है, लेकिन इसे जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता देने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में आधार पर दर्ज जन्मतिथि, नामांकन या अपडेट के दौरान व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित होती है। आज की बाकी बड़ी खबरें… जनगणना 20275 झारखंड में 1 मई, त्रिपुरा में 17 जुलाई से सेल्फ एन्यूमरेशन जनगणना 2027 के पहले चरण में झारखंड में 1 से 15 मई और त्रिपुरा में 17 से 31 जुलाई तक सेल्फ एन्यूमरेशन होगा। इसके बाद दोनों राज्यों झारखंड में 16 मई से 14 जून जबकि त्रिपुरा में 1-31 अगस्त तक घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा है कि जनगणना के दौरान किसी के साथ भी ओटीपी साझा न करें, क्योंकि गणनाकर्मी ओटीपी नहीं मांगेंगे। राजीव गांधी की हत्या का दोषी पेरारिवलन वकील बना पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या मामले का दोषी एजी पेरारिवलन (54) वकील बन गया है। 2022 में सुप्रीम कोर्ट से रिहाई के बाद उसने 27 अप्रैल को तमिलनाडु-पुडुचेरी बार काउंसिल में नामांकन कराया। पेरारिवलन 1991 में 19 साल की उम्र में गिरफ्तार हुआ और 31 साल जेल में रहा। वहीं कानून की पढ़ाई कर 2025 में ऑल इंडिया बार एग्जाम पास किया। अब वह कैदियों को कानूनी सहायता देगा।

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