Collector
सुधार के नाम पर धर्म की मूल भावना से छेड़छाड़ नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट | Collector
सुधार के नाम पर धर्म की मूल भावना से छेड़छाड़ नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
Rajasthan Patrika

सुधार के नाम पर धर्म की मूल भावना से छेड़छाड़ नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भारत की सभ्यता और धार्मिक इतिहास को नजर अंदाज करना संभव नहीं है। वर्तमान को समझने के लिए अतीत को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने उन दो महिलाओं की ओर से दलीलें रखीं, जिन्होंने 2018 के फैसले के बाद सबरीमाला मंदिर में प्रवेश किया था। जयसिंह ने यह भी तर्क दिया कि अदालतें धार्मिक मामलों से पूरी तरह ‘हाथ खींच’ नहीं सकतीं, क्योंकि न्यायिक समीक्षा संविधान की मूल विशेषता है।

Go to News Site