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इनपुट- अंशुमान दुबे, लखनऊ डॉ. राजेश्वर सिंह, विधायक सरोजनीनगर, ने उत्तर प्रदेश को Women-Led Industrial Growth Model के रूप में विकसित करने हेतु “मुख्यमंत्री नारी शक्ति औद्योगिक प्रोत्साहन नीति” लागू किए जाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे महिलाओं की भागीदारी और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। डॉ. सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि महिला सशक्तिकरण को सामाजिक दायरे से आगे बढ़ाकर आर्थिक विकास की केंद्रीय शक्ति बनाया जाए। उन्होंने निवेदन किया कि ऐसे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए, जहाँ न्यूनतम 75 प्रतिशत कार्यबल महिलाएँ हों अथवा जो पूर्णतः women-led enterprises के रूप में संचालित हों। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला सशक्तिकरण को अभूतपूर्व गति मिली है। उज्ज्वला योजना, जन धन खातों के माध्यम से वित्तीय समावेशन, मुद्रा योजना के तहत महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन, “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, मातृत्व लाभ योजनाएँ तथा स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण जैसे प्रयासों ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की इन पहलों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का समन्वय उत्तर प्रदेश को women-led economic growth का अग्रणी मॉडल बना सकता है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश में textile, garment, food processing, dairy, ODOP, chikankari, electronics assembly, pharma packaging, BPO, sanitary products, agri-based industries तथा solar assembly जैसे क्षेत्रों में महिला-प्रधान उद्योगों की व्यापक संभावनाएँ बताईं। उन्होंने इन उद्योगों के लिए SGST reimbursement, stamp duty एवं registration fee में छूट, 50–75 प्रतिशत तक power tariff subsidy, solar subsidy, सस्ती औद्योगिक भूमि, महिला औद्योगिक पार्क, plug-and-play units, collateral-free loans, interest subvention, सरकारी खरीद में प्राथमिकता तथा working women hostels, transport एवं crèche facilities जैसे प्रोत्साहनों का सुझाव दिया।
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