Sudarshan News
नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिहं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारत की नई सुरक्षा नीति और मजबूत रुख पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि अब भारत आतंकवाद के मामलों में केवल बयान देने की पुरानी सोच से आगे बढ़ चुका है और जरूरत पड़ने पर सीधे और निर्णायक कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर इसी मजबूत नीति का उदाहरण हैं। इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद एक गलत और खतरनाक मानसिकता से पैदा होता है, जो मानवता के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि इसे किसी धर्म या विचारधारा से जोड़कर सही ठहराने की कोशिश करना बहुत खतरनाक है। आतंकवाद से निपटने के लिए सिर्फ सैन्य नहीं बल्कि विचारधारा और राजनीतिक स्तर पर भी काम करना जरूरी है। उन्होंने भारत की तुलना करते हुए कहा कि आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान को आतंकवाद के केंद्र के रूप में देखा जाता है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को तीनों सेनाओं के मजबूत समन्वय का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन को भारत ने अपनी शर्तों पर शुरू किया और अपनी शर्तों पर ही रोका। इसमें केवल लक्षित कार्रवाई की गई और पूरी तैयारी के साथ इसे अंजाम दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब तकनीक आधारित सेना की ओर बढ़ रहा है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन और आधुनिक रक्षा प्रणालियों का बड़ा उपयोग हो रहा है। ‘सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम’ को उन्होंने इसका उदाहरण बताया। रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि आधुनिक तकनीक भारत की सुरक्षा को और मजबूत बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के रक्षा उद्योग और निर्यात को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि भारत अब एक मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति के रूप में उभर रहा है।
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