Sudarshan News
अगर कोई सोच रहा है कि आर्मी सिर्फ सीमाओं पर ही दिखती है, तो त्रिपुरा के अगरतला में हुए इस कार्यक्रम ने एक अलग तस्वीर दिखाई है। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर भारतीय सेना की अल्बर्ट एक्का ब्रिगेड ने रेड शील्ड डिवीजन और स्पीयर कोर के तहत शहर के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में युवाओं से सीधा संवाद किया। यह कार्यक्रम 27 से 29 अप्रैल 2026 तक तीन दिनों तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस जागरूकता अभियान में लगभग 1100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। पहला सत्र त्रिपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलेज में हुआ, जिसमें करीब 450 छात्र शामिल हुए। इसके बाद सरकारी महिला कॉलेज में 425 से अधिक छात्राओं के साथ संवाद हुआ। अंतिम सत्र उमाकांत अकादमी उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 320 विद्यार्थियों ने भाग लिया। हर सत्र में सेना के अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर की योजना, संचालन और उसके महत्व को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, देशभक्ति और राष्ट्र सेवा की भावना को बढ़ाना था। सेना के अधिकारियों ने छात्रों को यह भी बताया कि भारतीय सेना में करियर के कौन-कौन से अवसर उपलब्ध हैं और वहां किस तरह की चुनौतियां आती हैं। मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों के जरिए छात्रों को सेना के कामकाज और राष्ट्रीय सुरक्षा में उसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। इस पहल ने छात्रों और सेना के बीच एक मजबूत जुड़ाव बनाया और युवाओं में देश सेवा के प्रति उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि भारतीय सेना लगातार युवाओं को प्रेरित करने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास करती रहेगी।
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