Rajasthan Patrika
Financial Crime Policy: मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में अक्सर देखा गया है कि जैसे ही मूल केस कमजोर पड़ता है, पूरी जांच नहीं होती है। लेकिन अब सरकार के शीर्ष वकील ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू (Additional Solicitor General S.V. Raju) ने साफ कहा है कि अगर मुख्य आरोप प्रेडिकेट ऑफेंस (Predicate Offense) में आरोपी बरी हो जाते हैं या केस खत्म हो जाता है, तब भी ED को अपनी जांच बंद नहीं करनी चाहिए। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कानून की मौजूदा स्थिति भले ही मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) को मूल अपराध से जोड़ती हो, लेकिन हर मामले में इसे सीधे खत्म मान लेना सही तरीका नहीं है।
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