Collector
बुर्के वाली 7 ख़ातूनें, सभी स्कूल के चपरासी रहमान की रिश्तेदार; बीवी, साली, सास और अन्य ने मिल कर हजम किए 7 करोड़ रुपए... पीलीभीत में सरकार का करोड़ों रुपये निगल कर नहीं ली थी डकार | Collector
बुर्के वाली 7 ख़ातूनें, सभी स्कूल के चपरासी रहमान की रिश्तेदार; बीवी, साली, सास और अन्य ने मिल कर हजम किए 7 करोड़ रुपए... पीलीभीत में सरकार का करोड़ों रुपये निगल कर नहीं ली थी डकार
Sudarshan News

बुर्के वाली 7 ख़ातूनें, सभी स्कूल के चपरासी रहमान की रिश्तेदार; बीवी, साली, सास और अन्य ने मिल कर हजम किए 7 करोड़ रुपए... पीलीभीत में सरकार का करोड़ों रुपये निगल कर नहीं ली थी डकार

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डीआईओएस कार्यालय में हुए वित्तीय घोटाले के सिलसिले में पुलिस ने सात महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी इल्हाम की दोनों पत्नियां भी शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बुर्के वाली 7 ख़ातूनें, सभी स्कूल के चपरासी रहमान की रिश्तेदार, बीवी, साली, सास और अन्य ने मिल कर हजम किए 7 करोड़ रुपए, पीलीभीत में सरकार का करोड़ों रुपये निगल कर नहीं ली थी डकार भी, UP पुलिस की जांच में अब तक निकले 50 से ज्यादा बैंक खाते, बाकी की तलाश जारी.. #UP #Fraud … pic.twitter.com/1l4FndUMX0 — Sudarshan News (@SudarshanNewsTV) May 2, 2026 पुलिस के अनुसार, यह मामला डीआईओएस कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी से जुड़ा है, जो वेतन बिल और टोकन से संबंधित काम देखता था। जांच में सामने आया कि उसने ट्रेजरी सिस्टम का गलत इस्तेमाल करते हुए फर्जी लाभार्थी आईडी बनाई और लाखों रुपये अपने करीबी खातों में ट्रांसफर किए। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने कई ट्रांजेक्शनों के जरिए बड़ी रकम अपने परिजनों के खातों में भेजी। अब तक करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की पहचान की जा चुकी है और कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने अपने परिवार और परिचितों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। इन खातों में बड़ी मात्रा में धनराशि ट्रांसफर की गई, जिससे घोटाले का दायरा और बड़ा नजर आया। गिरफ्तार की गई महिलाएं अलग-अलग जिलों गाजियाबाद, बुलंदशहर, संभल और बिजनौर की रहने वाली हैं। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इसमें और भी लोगों के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग लेनदेन की गहन जांच की जा रही है।

Go to News Site