Rajasthan Patrika
Anxiety-Stress Overthinking Effects: दिनभर की भागदौड़ के बाद शरीर विश्राम चाहता है, लेकिन दिमाग नहीं। क्यों हुआ, कैसे हुआ, अब क्या होगा? जैसे सवाल रह-रहकर मस्तिष्क की दीवारों से टकराते रहते हैं। यह उस युवा पीढ़ी का सच है, जो विचारों की अंतहीन भुलभुलैया में फंसकर नींद और सुख-चैन खो रही है। आज के डिजिटल युग में युवा ऐसे अदृश्य उलझन और मनोवैज्ञानिक दबाव के नीचे जी रहे हैं, जिसे ‘ओवरथिंकिंग’ कहा जाता है। एक ऐसी स्थिति जहां विचार सुलझने के बजाय और अधिक उलझते चले जाते हैं।
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