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असम में भाजपा, तमिलनाडु में DMK की वापसी का अनुमान:केरलम में 10 साल बाद UDF सरकार के आसार; 5 राज्यों के Live नतीजे 8 बजे से | Collector
असम में भाजपा, तमिलनाडु में DMK की वापसी का अनुमान:केरलम में 10 साल बाद UDF सरकार के आसार; 5 राज्यों के Live नतीजे 8 बजे से
Dainik Bhaskar

असम में भाजपा, तमिलनाडु में DMK की वापसी का अनुमान:केरलम में 10 साल बाद UDF सरकार के आसार; 5 राज्यों के Live नतीजे 8 बजे से

असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ जाएंगे। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी। पहले डाक मत पत्र गिने जाएंगे, घंटेभर बाद खुलेंगी ईवीएम। नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल्स में असम में फिर हिमंता सरकार बनने का अनुमान है। तमिलनाडु में DMK की वापसी के आसार हैं, तो केरलम में कांग्रेस की अगुआई वाले UDF को बढ़त है। पुडुचेरी में NDA गठबंधन की वापसी दिखाई दे रही है। काउंटिंग के रुझान और नतीजे दैनिक भास्कर एप पर Live टैली में देख सकते हैं, लेकिन पहले वोटिंग और एग्जिट पोल से जुड़े अहम आंकड़े… तमिलनाडु 10 एग्जिट पोल- 6 में DMK+ की वापसी संभव तमिलनाडु में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इस बार अब तक का सबसे ज्यादा 85.10% मतदान हुआ। इससे पहले सबसे ज्यादा मतदान 2011 में 78.29% हुआ था। 2026 में महिलाओं ने पुरुषों से 2% ज्यादा वोटिंग की इस चुनाव में वोट डालने में महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा रही। कुल 2.52 करोड़ महिलाओं ने वोट डाला, जबकि पुरुषों की संख्या 2.35 करोड़ रही। महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 2.1% ज्यादा दर्ज किया गया। पिछली बार DMK को AIADMK से 6% ज्यादा वोट, सरकार बदली 1952 से अब तक तमिलनाडु में कांग्रेस, DMK, AIADMK की सरकार रही है। 1967 से DMK और AIADMK बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं। हालांकि, 2011 से ट्रेंड बदला। 2011 और 2016 में लगातार दो बार AIADMK सत्ता में आई। 2021 में DMK ने वापसी की। वोट शेयर के लिहाज से देखें तो 2021 में DMK ने AIADMK से 5.7% ज्यादा वोट हासिल किए। भाजपा 46 साल में सिर्फ 2 बार 4-4 सीटें जीत पाई भाजपा तमिलनाडु में 1980 से चुनाव लड़ रही है, लेकिन अब तक 2001 और 2021 में उसे 4-4 सीटें ही मिल सकी हैं। यहां भाजपा AIADMK और PMK के साथ गठबंधन में है। असम 12 एग्जिट पोल- सभी में भाजपा की वापसी असम के 26 जिलों में 80% से ज्यादा मतदान असम के 74 साल के इतिहास में इस बार सबसे ज्यादा 85.91% वोटिंग हुई। 35 जिलों में से 26 में 80% से ज्यादा मतदान हुआ। साउथ सलमारा मनकचर जिले में सबसे ज्यादा 95.56% और वेस्ट कार्बी आंगलॉन्ग में सबसे कम 75.25% वोटिंग हुई। पिछले 3 चुनावों में महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा वोटिंग की असम में पिछले तीन चुनावों में महिलाओं का वोटिंग परसेंट पुरुषों से ज्यादा रहा है। महिलाओं ने 2016 में 1.69%, 2021 में 0.41% और 2016 में 1.56% ज्यादा वोट डाले। भाजपा 10 साल से सत्ता में, वोट शेयर 48.03% बढ़ा 2011 में भाजपा को असम में सिर्फ 11.5% वोट मिले थे। 2021 में पार्टी का वोट शेयर 59.5% हो गया। यानी पिछले 10 साल में भाजपा का वोट शेयर करीब 48.03% बढ़ा, कांग्रेस का वोट शेयर करीब 10% गिर गया। असम में 76 साल में 15 सीएम, 51 साल कांग्रेस सरकार असम में 76 साल में 15 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। करीब 51 साल कांग्रेस के 10 मुख्यमंत्रियों ने सत्ता संभाली। 1978 में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। जनता पार्टी के गोलाप बोरबोरा पहले गैर-कांग्रेसी सीएम बने, लेकिन 2 साल बाद कांग्रेस फिर सत्ता में लौटी। 2016 में पूरे नॉर्थ-ईस्ट में असम ऐसा राज्य बना, जहां बीजेपी ने पहली बार सरकार बनाई। सर्बानंद सोनोवाल सीएम बने। 2021 में लगातार दूसरी बार बीजेपी ने बहुमत हासिल किया। हिमंता बिस्व सरमा ने सत्ता संभाली। यहां कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ 6 पार्टियों से गठबंधन किया है। केरलम केरलम के 8 एग्जिट पोल में से 7 में UDF सरकार केरलम में पिछली बार से 4.27% ज्यादा वोटिंग केरलम में 39 साल बाद सबसे ज्यादा 78.27% वोटिंग हुई। इससे पहले 1987 में 80.54% वोटिंग हुई थी। 14 जिलों में से दो में 80% से ज्यादा और 10 जिलों में 70% से ज्यादा वोटिंग हुई। कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.32% और पथनमथिट्टा में सबसे कम 70.76% मतदान हुआ। राज्य की कुल 140 सीटों पर 9 अप्रैल को सिंगल फेज की वोटिंग में 2.6 करोड़ वोटर्स ने वोट दिया। पुरुषों के मुकाबले 5% ज्यादा महिलाओं ने वोट डाले केरलम में इस बार के चुनाव में पुरुषों की तुलना में 5% ज्यादा महिलाओं ने वोटिंग की। कुल मतदान 78.27% हुआ, जिसमें 75.01% वोटिंग पुरुष और 80.86% महिलाओं ने वोट किया। LDF और UDF के वोट शेयर में 3-4% अंतर का ट्रेंड केरलम में LDF और UDF के वोट शेयर में लगभग 3-4% का अंतर रहता आया है। हालांकि 2011 की तुलना में 2021 में LDF के वोट शेयर में करीब 4% की गिरावट आई थी, फिर भी सरकार LDF की बनी थी। पिनाराई विजयन लगातार 2 बार सीएम बनने वाले इकलौते राजनेता 1956 में केरलम के गठन के बाद से अब तक राज्य में 12 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इनमें से 6 सीएम लेफ्ट के रहे, जिन्होंने 39 साल सत्ता संभाली। वहीं, 4 सीएम कांग्रेस के बने, जिन्होंने 28 साल सरकार चलाई। CPI(M) के ई.के. नयनार सबसे लंबे समय तक 11 साल सीएम रहे। उन्होंने 3 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन लगातार कभी कुर्सी नहीं संभाली। यहां पी विजयन लगातार 2 बार सीएम बनने वाले इकलौते राजनेता हैं। पुडुचेरी पुडुचेरी के 4 एग्जिट पोल - चारों में NDA की वापसी पुडुचेरी में रिकॉर्ड 89.87% वोटिंग पुडुचेरी में पिछली विधानसभा की स्थिति 10 राज्यों में भाजपा सरकार, 11 में सरकार में शामिल देश के 21 राज्यों में भाजपा और एनडीए की सरकार है। जिसमें से 10 राज्य में अकेले भाजपा बहुमत में है।

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