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इनपुट- अंशुमान दुबे, लखनऊ जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आज विकास भवन सभागार, लखनऊ में राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक व उनके प्रतिनिधि, जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी0, मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन, नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जनपद लखनऊ में संचालित विभिन्न केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति की विभागवार एवं आंकड़ों सहित विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कृषि विभाग के अंतर्गत प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 1,88,580 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। उक्त के अतिरिक्त अपात्र लाभार्थियों के चिन्हांकन के लिए निरंतर सत्यापन भी कराया जा रहा है। किसान सम्मान निधि के संबंध में मा अध्यक्ष महोदय द्वारा बताया गया कि नवीन शासनादेश के अनुसार बटाई पर खेती करने वाले भी अब किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित हो सकते है। उक्त के लिए भू स्वामी को बटाई पर जिसको खेत दिया है उसको प्रमाणित करना होगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2025 में 55,459 कृषकों का बीमा किया गया तथा 4,515 दावों का निस्तारण किया गया। वहीं रबी 2025-26 के अंतर्गत 49,448 कृषक आच्छादित किए गए हैं। राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में लखनऊ मंडी में लगभग 5,76,800 मीट्रिक टन व्यापार तथा ₹20,589.48 लाख का व्यापार मूल्य दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्शाता है। कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के अंतर्गत जनपद में 228 परियोजनाओं हेतु आवेदन, जिनमें से 105 स्वीकृत तथा ₹22.31 करोड़ वितरित किए गए हैं। बैठक में किसान पाठशाला संबंधित बिंदु की समीक्षा के दौरान बताया गया कि मिट्टी की उर्वरक क्षमता को बढ़ाने के लिए किसान पाठशाला में प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसके अंतर्गत जनपद लखनऊ के समस्त ब्लाक में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत पूर्ति करते हुए 80 पाठशालाओं का आयोजन किया गया। जिसके संबंध में अध्यक्ष महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि ग्रामसभा वार पाठशालाओं की फोटो सहित सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए एवं आगामी पाठशालाओं में जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं कार्यों की वर्तमान स्थिति से जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से अवगत कराया जाए, ताकि उन्हें अपने क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की समुचित जानकारी रहे और आवश्यकतानुसार सुझाव एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो सके। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद में 57,163 के सापेक्ष 56,905 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जो लगभग 99.55% प्रगति दर्शाता है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 के अंतर्गत 698 लक्षित ग्रामों में से 693 ग्रामों को ODF प्लस मॉडल घोषित किया जा चुका है। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजनांतर्गत कुल 16 जन सेवा केंद्र का लक्ष्य प्राप्त हुआ था जिसके सापेक्ष 10 जनसेवा केंद्र का कार्य पूर्ण हो गया है और अवशेष 6 जनसेवा केंद्र का कार्य छत स्तर तक पूर्ण हो गया है। जिसको अध्यक्ष द्वारा शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि मनरेगा एवं अन्य रोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा रहा है।प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत माइक्रो इरिगेशन योजना में 610 के लक्ष्य के सापेक्ष 608 कार्य पूर्ण किए गए हैं। साथ ही, किसानों को अनुदान की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया कि जल निगम व अन्य विभाग द्वारा यूटिलिटी शिफ्टिंग या अन्य कार्य के लिए सड़क खोद दी जाती है, परन्तु कार्य होने के बाद उसका रिस्टोरेशन नहीं किया जाता है। जिससे आम जनमानस को बहुत समस्या होती है। जिसके लिए बैठक मे अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि बैठक में सर्वसम्मति से इस आशय का प्रस्ताव शासन स्तर पर प्रेषित किया जाए कि जल निगम अथवा अन्य विभागों द्वारा पाइपलाइन बिछाने अथवा अन्य कार्यों हेतु सड़कों की खुदाई किए जाने के उपरांत, संबंधित कार्यदायी विभाग द्वारा सड़क पुनर्निर्माण के लिए निर्धारित धनराशि यथार्थ रूप से संबंधित निर्माण एजेंसियों, जैसे नगर निगम एवं एलडीए, को उपलब्ध कराई जाए। इससे खुदाई के बाद सड़कों का पुनर्निर्माण समयबद्ध एवं शीघ्रता से सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा आमजन को आवागमन में होने वाली असुविधा से राहत मिलेगी। बैठक में अध्यक्ष द्वारा निर्देशित किया गया कि डूडा द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान निर्मित कराई गई सड़कों की गुणवत्ता की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से कराई जाए, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने नहरों की सफाई/डीसिल्टिंग कार्यों के संबंध में निर्देशित किया कि संबंधित विभाग द्वारा कार्यों का रोस्टर तैयार कर जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जाए, जिससे कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व नहरों की सफाई/डीसिल्टिंग का कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे और जलभराव जैसी समस्याओं से आमजन को राहत मिल सके। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, जल जीवन मिशन, सामाजिक सुरक्षा एवं कौशल विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई तथा सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए समस्त दिशा-निर्देशों का संबंधित अधिकारियों के माध्यम से अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा तथा कार्यों की भौतिक प्रगति से आगामी बैठक में अवगत कराया जाएगा।
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