Rajasthan Patrika
Climate Change Fertility: धरती पर जीवन की बुनियाद यानी ‘प्रजनन क्षमता’ एक अदृश्य जाल में फंसती जा रही है। हालिया शोध चेतावनी दे रहे हैं कि इंसान ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षी और समुद्री जीव भी ‘साइलेंट फर्टिलिटी क्राइसिस’ का सामना कर रहे हैं। यह संकट दिखाई नहीं देता, लेकिन जीवन चक्र को भीतर से खोखला कर रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा, पानी और भोजन में मौजूद पेस्टिसाइड्स और ‘फॉरएवर केमिकल्स’ प्रजनन तंत्र पर सीधा प्रहार कर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ता तापमान इस खतरे को और घातक बना रहा है।
Go to News Site