Sudarshan News
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। इस बार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। सबसे बड़ा झटका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगा, जो भवानीपुर सीट से विपक्षी उम्मीदवार और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से 15,501 वोटों के अंतर से हार गईं। शुभेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,801 वोट ही मिल सके। यह लगातार दूसरी बार है जब उन्हें शुभेंदु अधिकारी से चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। इस चुनाव में सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि TMC के कई बड़े मंत्री और वरिष्ठ नेता भी अपनी सीटें नहीं बचा पाए। दमदम उत्तर से वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, रासबिहारी से देबाशीष कुमार, और शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु को भी करारी हार मिली। हाबड़ा में ज्योतिप्रिय मल्लिक, श्यामपुकुर से शशि पांजा और टॉलीगंज से अरूप बिस्वास भी चुनाव हार गए। इसके अलावा सिंगूर, चंदननगर, सबांग और अन्य कई सीटों पर भी TMC को बड़ा नुकसान हुआ, जिससे साफ है कि इस बार जनता ने बदलाव के पक्ष में वोट किया है। इस चुनाव को ममता बनर्जी के लिए बेहद अहम माना जा रहा था, क्योंकि 15 साल की सत्ता के बाद यह उनकी नेतृत्व क्षमता की बड़ी परीक्षा थी। राज्य की कुल 294 सीटों में कई हाई-प्रोफाइल मुकाबले देखने को मिले, जिनमें भवानीपुर, नंदीग्राम, सिलीगुड़ी और भांगड़ जैसी सीटें खास रहीं। इस बार रिकॉर्ड 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले सभी चुनावों से अधिक है। पहले चरण में 93.13 प्रतिशत और दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जिससे यह साफ होता है कि जनता ने इस चुनाव को गंभीरता से लिया और बड़े बदलाव का संकेत दिया।
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