Dainik Bhaskar
पीएम मोदी 10 मई को बेंगलुरु में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम श्री श्री रवि शंकर के 70वें जन्मदिवस पर आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में होगा। 182 से ज्यादा देशों से लोग इस कार्यक्रम में जुड़ेंगे। कुछ लोग ऑनलाइन भी जुड़ेंगे। कई राजनेता, सिविल सेवक, किसान, इंजीनियर, गृहिणियां, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, छात्र और वरिष्ठ नागरिक भी इस इवेंट में आएंगे। ध्यान मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक नए ‘ध्यान मंदिर’ का भी उद्घाटन होगा। इसके साथ ही, वे मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित योजनाओं को भी शुरू करेंगे। कैसे शुरू हुआ आर्ट ऑफ लिविंग साल 1981 में श्री श्री रवि शंकर द्वारा स्थापित 'आर्ट ऑफ लिविंग' आज एक वैश्विक, स्वयंसेवक-आधारित मानवीय और शैक्षिक संगठन बन चुका है। आर्ट ऑफ लिविंग अब तक 100 करोड़ से ज्यादा लोगों के जीवन को प्रभावित कर चुका है। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं 25 और 26 मई को विशेष चर्चा 25 और 26 मई को 'बंदी कल्याण और नीतिगत सुधार' पर एक विशेष चर्चा आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य लक्ष्य जेलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के तरीकों पर विचार करना और यह दिखाना है कि 'आर्ट ऑफ लिविंग' के कार्यक्रमों ने कैदियों के व्यवहार और उनके पुनर्वास में कितना सकारात्मक बदलाव लाया है। इसके साथ ही, विदेश मंत्रालय के सहयोग से 'बिम्सटेक युवा नेतृत्व आदान-प्रदान' कार्यक्रम भी होगा। इसमें सातों बिम्सटेक देशों के युवा नेता 'आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर' में एक साथ आएंगे, जहां उन्हें नेतृत्व कौशल निखारने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ---------------------------------------------
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