Rajasthan Patrika
Poonchh Tragedy ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। ऑपरेशन सिंदूर को अब एक साल का लंबा वक्त बीत चुका है, लेकिन जिन लोगों ने इस खौफनाक मंजर में अपनों को खोया, उनके लिए समय जैसे वहीं ठहर गया है। यह कहानी एक ऐसे बेबस पिता की है, जिसने पुंछ में अपने जुड़वां बच्चों को खो दिया। आज भी वह पिता हर रोज खुद से यही सवाल पूछता है, ‘आखिर हम पुंछ क्यों गए थे?’ यह रमीज खान और उनकी पत्नी उरुसा की दर्दनाक दास्तान है। ध्यान रहे कि पिछले साल मई में पुंछ में सीमा पर हुई गोलाबारी में 14 लोग मारे गए थे।
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