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Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज ने स्पष्ट किया कि भगवान का नाम जप करने के लिए कोई विशेष स्थान या नियम आवश्यक नहीं है. चाहे बिस्तर हो या शौचालय, किसी भी स्थिति में नाम जप किया जा सकता है. हालांकि, गुरु मंत्र जप के लिए कुछ विशेष नियम और शुद्धता का पालन जरूरी होता है.
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