दिल्ली हाई कोर्ट ने आर्टिकल के पब्लिकेशन पर रोक लगाने से पहले संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत मिलने वाली आजादी पर विस्तार से विचार करना जरूरी है.