Sudarshan News
भारतीय नौसेना का समुद्री अनुसंधान पोत INS सागरध्वनि 5 मई 2026 को वियतनाम के कैम रन्ह बंदरगाह पहुंचा। इस यात्रा को भारत और वियतनाम के बीच बढ़ते वैज्ञानिक और सामरिक सहयोग का अहम हिस्सा माना जा रहा है। जहाज के पहुंचने पर खान्ह होआ मिलिट्री कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों, वियतनाम पीपुल्स नेवी और कोस्ट गार्ड के प्रतिनिधियों ने भारतीय दल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री अनुसंधान और सहयोग को लेकर सकारात्मक संदेश देखने को मिला। दौरे के दौरान INS सागरध्वनि न्हा ट्रांग स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी के साथ संयुक्त वैज्ञानिक गतिविधियों में हिस्सा लेगा। दोनों देशों के वैज्ञानिक समुद्री विज्ञान, महासागरीय अध्ययन और शोध से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा भारतीय नौसेना और वियतनाम पीपुल्स नेवी के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रम, क्रॉस-विजिट, खेल गतिविधियां और योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल और बेहतर होगा। INS सागरध्वनि भारतीय नौसेना का विशेष समुद्री अनुसंधान पोत है, जिसे जुलाई 1994 में सेवा में शामिल किया गया था। यह पोत लंबे समय से समुद्री ध्वनिकी और महासागरीय अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। माना जा रहा है कि यह यात्रा भारत की वैज्ञानिक क्षमता, क्षेत्रीय सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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