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तमिलनाडु में विजय की सत्ता पक्की; कांग्रेस के बाद तीन और दलों के समर्थन से मिला बहुमत | Collector
तमिलनाडु में विजय की सत्ता पक्की; कांग्रेस के बाद तीन और दलों के समर्थन से मिला बहुमत
Sudarshan News

तमिलनाडु में विजय की सत्ता पक्की; कांग्रेस के बाद तीन और दलों के समर्थन से मिला बहुमत

तमिलनाडु की राजनीति में जारी सियासी उठापटक के बीच अभिनेता-राजनेता थलपति विजय की पार्टी तमिलिगा वेट्री कझगम (TVK) को बड़ी राहत मिली है। वामपंथी दलों CPI, CPI(M) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने विजय की पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया है। इसके साथ ही TVK अब विधानसभा में बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई है। 119 विधायकों का मिला साथ चुनाव में TVK ने 108 सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया था। हालांकि सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से पार्टी कुछ कदम दूर थी। बाद में कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों का समर्थन दिया, जिससे संख्या 113 तक पहुंची। अब CPI, CPI(M) और VCK के दो-दो विधायकों के समर्थन के बाद विजय के गठबंधन की कुल ताकत 119 हो गई है, जो बहुमत के जरूरी आंकड़े 118 से एक ज्यादा है। गठबंधन का गणित TVK – 108 सीटें कांग्रेस – 5 सीटें CPI – 2 सीटें CPI(M) – 2 सीटें VCK – 2 सीटें कुल समर्थन – 119 विधायक सरकार गठन की तैयारी तेज जानकारी के अनुसार, विभिन्न दलों के नेताओं ने विजय के साथ मिलकर सरकार गठन को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि CPI और CPI(M) की बैठकों में औपचारिक रूप से TVK को समर्थन देने का फैसला लिया गया। वहीं VCK ने भी विजय के नेतृत्व में सरकार बनाने पर सहमति जताई है। संभावना जताई जा रही है कि गठबंधन दलों के नेता संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समर्थन का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं। राज्यपाल से मुलाकात बनी चर्चा का विषय बहुमत के आंकड़े से दूर रहने के कारण विजय को पहले सरकार गठन का दावा पेश करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात भी की थी, लेकिन राज्यपाल ने स्पष्ट बहुमत के समर्थन वाले 118 विधायकों के हस्ताक्षर पेश करने को कहा था। बताया जाता है कि विजय दो बार राज्यपाल से मिले, लेकिन पर्याप्त समर्थन न होने के कारण उन्हें तत्काल मंजूरी नहीं मिली। बाद में उन्होंने बहुमत जुटाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। फ्लोर टेस्ट को लेकर भी उठे सवाल राज्यपाल के रुख को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई। विपक्षी दलों और कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि बहुमत की परीक्षा विधानसभा के फ्लोर पर होनी चाहिए, न कि केवल राजभवन में दस्तावेजों के आधार पर। हालांकि अब TVK ने चुनाव बाद गठबंधन के जरिए जरूरी संख्या जुटा ली है। ऐसे में माना जा रहा है कि थलपति विजय जल्द ही सहयोगी दलों के साथ दोबारा राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

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