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बलिया के युवा समाजसेवी रिपुंजय रमण पाठक उर्फ रानू ने अपने परदादा की 50 साल पुरानी हिंदुस्तान एम्बेसडर कार को नया जीवन देकर तीन पीढ़ियों की विरासत को संजो लिया है. करीब एक साल की मेहनत और डेढ़ लाख रुपये खर्च कर कबाड़ बन चुकी यह कार अब फिर सड़क की शान बन गई है.
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