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जो कभी ममता के बेहद करीबी थे फिर बने बागी, कहानी सत्ता उखाड़ फेंकने वाले ‘जाइंट किलर’ सुवेंदु अधिकारी की | Collector
जो कभी ममता के बेहद करीबी थे फिर बने बागी, कहानी सत्ता उखाड़ फेंकने वाले ‘जाइंट किलर’ सुवेंदु अधिकारी की
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जो कभी ममता के बेहद करीबी थे फिर बने बागी, कहानी सत्ता उखाड़ फेंकने वाले ‘जाइंट किलर’ सुवेंदु अधिकारी की

Suvendu Adhikari vs Mamata Banerjee: नगरपालिका पार्षद से शुरुआत कर 31 साल का राजनीतिक सफर तय करते हुए 56 साल के सुवेंदु अधिकारी प.बंगाल के मुख्यमंत्री पद तक पहुंच गए। अजय मुखर्जी के बाद मेदिनीपुर जिले से दूसरे सीएम बनने वाले सुवेंदु पुराने कांग्रेसी हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी डॉ.मनमोहन सिंह सरकार में केंद्र में मंत्री रहे, उनके दो भाई दिब्येंदु और सोमेंदु भी सांसद रहे लेकिन कांग्रेस छोड़ पहले संघर्षशील ममता बनर्जी के साथ सुवेंदु टीएमसी में चले गए। वामपंथियों के दशकों के शासन को उखाड़ने वाले टीएमसी के नंदीग्राम आंदोलन की नींव सुवेंदु ही थे। बाद में ममता से मतभेद हुए तो छह साल पहले भाजपा का दामन थाम ममता का शासन उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाई। सुवेंदु की राजनीति में पकड़ है, प्रशासनिक अनुभव है तो समीकरणों को पूरी तरह समझते हैं।

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