Sudarshan News
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव उस समय देखने को मिला, जब बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को राज्य की कमान सौंपे जाने का ऐलान किया गया। 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराने के बाद से ही वह बीजेपी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने लगे थे। अब पार्टी ने उन्हें विधायक दल का नेता चुनते हुए मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी है। इस फैसले की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। सुवेंदु अधिकारी का नाम पहली बार बड़े स्तर पर साल 2007-08 के नंदीग्राम आंदोलन के दौरान चर्चा में आया। उस समय इंडोनेशिया के सलीम ग्रुप के प्रस्तावित SEZ प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया था। इस आंदोलन का नेतृत्व भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति (BUPC) ने किया, जिसमें शुभेंदु अधिकारी प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। 14 मार्च 2007 को नंदीग्राम में पुलिस फायरिंग हुई, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। इस घटना ने बंगाल की राजनीति की दिशा बदल दी और लंबे समय से सत्ता में रही वामपंथी सरकार की पकड़ कमजोर पड़ने लगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे राज्य की राजनीति का टर्निंग पॉइंट मानते हैं। कांग्रेस से टीएमसी और फिर बीजेपी तक का सफर सुवेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और करीब दो दशक तक पार्टी के अहम नेता बने रहे। 1998 से 2020 तक उन्होंने टीएमसी में सक्रिय भूमिका निभाई। ममता बनर्जी सरकार में उन्होंने परिवहन और सिंचाई मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले। इसके अलावा वह 2009 से 2014 तक तमलुक लोकसभा सीट से सांसद भी रहे। दिसंबर 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया, जिसके बाद बंगाल की राजनीति में बड़ा समीकरण बदलता दिखाई दिया। सुवेंदु अधिकारी एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद रह चुके हैं। वहीं उनके भाई दिव्येंदु अधिकारी और सौमेंदु अधिकारी भी पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय हैं और बीजेपी से जुड़े हुए हैं। निजी जीवन की बात करें तो शुभेंदु अधिकारी अविवाहित हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मेदिनीपुर के कोंताई हाई स्कूल से की। इसके बाद विद्यासागर यूनिवर्सिटी के प्रभात कुमार कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। आगे चलकर उन्होंने रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी से एमए किया। इसके अलावा नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय से भी शिक्षा प्राप्त की। कितनी है शुभेंदु अधिकारी की संपत्ति? साल 2026 के चुनावी हलफनामे के अनुसार सुवेंदु अधिकारी के पास लगभग 85 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति है। इसमें पैतृक जमीन, आवासीय संपत्ति, बैंक जमा और बचत योजनाओं में निवेश शामिल है। उनकी वार्षिक आय करीब 17 लाख रुपये बताई गई है। हलफनामे के मुताबिक उन पर किसी प्रकार का कर्ज नहीं है।
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