Sudarshan News
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ा मोड़ देखने को मिला, जब सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह आयोजन कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य तरीके से संपन्न हुआ, जहां हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। इस जीत के साथ राज्य में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ और लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक समीकरण बदल गए। पीएम मोदी और शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उपस्थित रहे। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को बीजेपी के लिए एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जहां देशभर से शीर्ष नेता एक मंच पर नजर आए। राजनीतिक माहौल और विपक्ष की गैरमौजूदगी प्रोटोकॉल के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे इस समारोह में शामिल नहीं हुईं। उनकी अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी रही। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उत्सव जैसा माहौल शपथ ग्रहण के दौरान पूरा मैदान उत्सव के माहौल में डूबा नजर आया। शंखनाद और पारंपरिक आयोजनों ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। साधु-संतों की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय समारोह में पहुंचे एक साधु ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि यह आयोजन सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिनिधित्व का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक राज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों का वर्चस्व रहा, लेकिन आज का दिन एक नई शुरुआत का संकेत देता है। बंगाल की राजनीति में नए युग की शुरुआत सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई सरकार राज्य के विकास और प्रशासन को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।
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