Sudarshan News
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। हालांकि बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से पार्टी 10 सीटें पीछे रह गई, लेकिन बाद में कई दलों के समर्थन से समीकरण बदल गया। लंबी राजनीतिक चर्चा और समर्थन जुटाने के बाद विजय ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और राज्य की कमान संभाल ली। बहुमत जुटाने में कई दलों का साथ, राज्यपाल की शर्तों के बाद मिली मंजूरी शुरुआत में TVK के पास 107 विधायक थे क्योंकि विजय ने दो सीटों से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन से संख्या 113 तक पहुंची, लेकिन राज्यपाल द्वारा 118 विधायकों का लिखित समर्थन मांगे जाने के बाद स्थिति और जटिल हो गई। इसके बाद CPI, CPM, VCK और IUML जैसी पार्टियों ने भी समर्थन दिया, जिससे आंकड़ा 121 तक पहुंच गया। इसके बाद राज्यपाल की मंजूरी के बाद विजय को मुख्यमंत्री पद के लिए नियुक्त किया गया और उन्हें 13 मई तक बहुमत साबित करने का निर्देश दिया गया। नई सरकार के सामने प्रशासनिक और आर्थिक चुनौतियां मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती गठबंधन सहयोगियों के साथ संतुलन बनाए रखना और मजबूत प्रशासन देना होगा। विपक्ष में डीएमके की मजबूत मौजूदगी सरकार के लिए राजनीतिक दबाव बनाए रखेगी। इसके साथ ही बेरोजगारी, विकास कार्य, कानून-व्यवस्था और आर्थिक प्रबंधन जैसी समस्याओं से निपटना भी जरूरी होगा। बड़े चुनावी वादों से बढ़ा वित्तीय दबाव TVK के चुनावी घोषणापत्र में कई बड़े वादे किए गए हैं, जिनमें महिलाओं को मासिक सहायता, किसानों को सालाना आय समर्थन, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, बेरोजगारी भत्ता और युवाओं के लिए इंटर्नशिप योजना शामिल है। इन योजनाओं पर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है, जो राज्य के बजट पर भारी दबाव डाल सकता है। ऐसे में सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती वादों और वित्तीय संतुलन के बीच तालमेल बनाना होगा।
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