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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दिल्ली द्वारा संगठन शिल्पी एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. यशवंतराव केलकर की जन्मशती के अवसर पर ‘प्रिय केलकर जी’ विशेष अभिवाचन कार्यक्रम का आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अभाविप के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षाविद, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रो. केलकर के जीवन, विचारों और संगठन निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया। पुणे से आई मिलिंद भड़गे के नेतृत्व वाली अभिवाचन टोली ने ‘प्रिय केलकर जी’ प्रस्तुति के माध्यम से उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया। प्रस्तुति में संगठनात्मक अनुशासन, समय प्रबंधन, सामूहिक कार्यशैली और कार्यकर्ता निर्माण जैसे मूल्यों को दर्शाया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रो. केलकर ने विद्यार्थी परिषद को केवल छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास का माध्यम बनाया। उनके मार्गदर्शन में अभाविप को वैचारिक स्पष्टता और मजबूत संगठनात्मक आधार प्राप्त हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि प्रो. यशवंतराव केलकर का जीवन कार्यकर्ताओं के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद में कार्य करते हुए उन्हें जीवन दृष्टि मिली, जो आगे संघ कार्य में विकसित हुई। वहीं अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि कार्यकर्ता के जीवन में कथनी और करनी में समानता होना आवश्यक है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया ने भी प्रो. केलकर के विचारों और साहित्य के अध्ययन को आज के कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
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