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क्यों क्रोध को 'हाथ में जलता कोयला' कहा गया है? | Collector
क्यों क्रोध को 'हाथ में जलता कोयला' कहा गया है?
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क्यों क्रोध को 'हाथ में जलता कोयला' कहा गया है?

गौतम बुद्ध का प्रसिद्ध विचार गुस्से की विनाशकारी प्रकृति को गहराई से समझाता है. उनका मानना था कि क्रोध को मन में दबाकर रखना ऐसा है जैसे किसी और पर फेंकने के लिए गर्म कोयला पकड़ना. इससे सबसे ज्यादा नुकसान खुद को होता है. लगातार गुस्से में रहने से मानसिक तनाव, चिंता और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, क्षमा और आत्मनियंत्रण ही शांत और संतुलित जीवन की सबसे बड़ी कुंजी हैं.

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