Dainik Bhaskar
तमिलनाडु में AIADMK पार्टी में फूट पड़ती नजर आ रही है। इस बार चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। एक गुट पलानीसामी का है जिनके समर्थन में 17 नेता हैं। वहीं दूसरा गुट वेलुमणि का है जिनके पास 30 विधायकों का साथ है। दोनों गुटों में मतभेद तब दिखाई दिए, जब AIADMK के नवनिर्वाचित सदस्य सोमवार को तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने आए। एक गुट ने प्रोटेम स्पीकर एमवी करुपैया को एक पत्र सौंपा, जिसमें उनसे पी वेलुमणि को AIADMK विधायक दल का नेता घोषित करने का आग्रह किया गया था। वहीं दूसरे गुट ने पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीसामी को विधायक दल का नेता घोषित करने की मांग की। उधर सूत्रों की मानें तो वेलुमणि के साथ वाला 30 विधायकों का गुट राज्य में TVK पार्टी को समर्थन देना चाहता है। जबकि पलानीसामी इसका विरोध कर रहे हैं। AIADMK के पूर्व नेता बोले- पार्टी में फूट पड़ चुकी है AIADMK के पूर्व नेता केसी पलानीसामी ने कहा, पार्टी के भीतर साफ तौर पर फूट पड़ चुकी है। कई विधायक नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। अगर एडप्पादी नेता बने रहते हैं, तो इस बात की संभावना है कि कुछ विधायक TVK को समर्थन दे सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एडप्पादी पलानीसामी को पार्टी के शीर्ष पद से स्वेच्छा से हट जाना चाहिए ताकि पार्टी फिर से एकजुट हो सके और अगला चुनाव लड़ सके। AIADMK में फूट पड़ने की 4 वजहें... TVK चीफ और एक्टर विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली। टीवीके नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। 59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनने वाली है। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। 1972 में एमजी रामचंद्रन (MGR) ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, PMK, DMDK जैसी कई पार्टियां उभरीं, लेकिन कोई भी DMK-AIADMK के प्रभुत्व को खत्म नहीं कर पाई। इस तरह पिछले करीब 59 सालों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। 59 सालों बाद कोई तीसरी पार्टी की सरकार बनी है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में 'तमिल थाई वाजथु' (तमिल राज्य गीत) से पहले 'जन गण मन' और 'वंदे मातरम' बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें…
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