Sudarshan News
असम की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा मंगलवार को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस उपलब्धि के साथ वे असम के पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता बन जाएंगे, जिन्होंने लगातार दो कार्यकाल पूरे किए हैं। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य गुवाहाटी में सुबह 11:40 बजे सरमा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उनके साथ नए मंत्रिपरिषद के सदस्य भी शपथ ग्रहण करेंगे। यह कार्यक्रम न केवल राज्य बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीसरा कार्यकाल NDA सरकार का यह शपथ ग्रहण असम में लगातार तीसरे एनडीए कार्यकाल की शुरुआत का संकेत है। इससे पहले 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन ने सरकार बनाई थी, जबकि 2021 में हिमंता बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बने थे। बड़े नेताओं की मौजूदगी इस समारोह में देश के शीर्ष नेता शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा 40 से अधिक एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, समारोह में एक लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसी को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कई पुलिस यूनिट्स और सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। आयोजन स्थल पर तीन अलग-अलग मंच बनाए गए हैं ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके। किस मंच पर कौन होगा मौजूद मुख्य मंच पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्री बैठेंगे। वहीं आमंत्रित अतिथियों और अन्य नेताओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। NDA को मिला मजबूत जनादेश हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 126 सीटों में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा को अकेले 82 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) को 10-10 सीटें प्राप्त हुईं। यह जीत राज्य में गठबंधन की मजबूत स्थिति को दर्शाती है। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री सरमा नई सरकार के पहले 100 दिनों की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे। उनका कहना है कि मंत्रियों की सूची अंतिम चरण में है और इसे भाजपा नेतृत्व से चर्चा के बाद तय किया जाएगा। सरमा ने स्पष्ट किया है कि नई सरकार का मुख्य लक्ष्य चुनावी घोषणापत्र को लागू करना और राज्य के विकास को तेज गति देना होगा। शपथ के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक भी प्रस्तावित है।
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