Sudarshan News
NEET पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे एक बड़े और संगठित नेटवर्क के संकेत सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में कथित पेपर के नासिक से निकलकर हरियाणा, फिर जयपुर और जमवारामगढ़ होते हुए सीकर तक पहुंचने की बात सामने आई है। इसके बाद यही सामग्री जम्मू-कश्मीर, बिहार, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्यों तक फैलने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई सामान्य लीक नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से फैलाई गई पूरी चेन हो सकती है। पूरे मामले में राजस्थान का सीकर सबसे अहम केंद्र बनकर सामने आया है। कोटा के बाद देश के बड़े कोचिंग हब के रूप में उभरे इस शहर में देशभर से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। आरोप है कि इसी कोचिंग नेटवर्क, हॉस्टल सिस्टम और काउंसलिंग से जुड़े लोगों की मदद से कथित गेस पेपर का प्रसार किया गया। जांच में डिजिटल चैट्स, मोबाइल कॉल्स और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है, जिससे इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की कोशिश हो रही है। जानकारी के अनुसार परीक्षा से पहले ही कुछ छात्रों तक कथित प्रश्नपत्र पहुंच चुका था और इसके बदले में अलग-अलग स्तर पर पैसों का लेनदेन हुआ। कहीं हजारों में तो कहीं लाखों रुपये तक की मांग और भुगतान की बात सामने आई है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ प्रश्न परीक्षा में हूबहू मिले, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर यह पेपर सिस्टम से बाहर कैसे निकला और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे। ऐसे में इस विवाद के बाद अभिभावकों और छात्रों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। कई छात्रों का कहना है कि सालों की मेहनत पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल सीबीआई इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और कई राज्यों की एजेंसियां मिलकर इस मल्टी-स्टेट नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं।
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