Sudarshan News
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में 11 और 12 मई 2026 को भारतीय सेना की गजराज कोर द्वारा संयुक्त बाढ़ राहत अभ्यास ‘जल आपदा’ आयोजित किया गया। इस अभ्यास में जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनसीसी और पीएमएफ सहित कई एजेंसियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बेहतर समन्वय और त्वरित राहत कार्यों की तैयारी को परखना था। तिब्बती पठार से सटे तवांग का पर्वतीय इलाका भारी बारिश, भूस्खलन और मलबा खिसकने जैसी घटनाओं के लिए काफी संवेदनशील माना जाता है। न्यामजंग चू और तवांग चू जैसी प्रमुख नदियों के कारण यहां अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना रहता है। अभ्यास के दौरान उत्तराखंड के धराली क्षेत्र में हुए मडस्लाइड हादसे से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए राहत और बचाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया। इंसीडेंट रिस्पॉन्स टीम ने मौके पर बचाव अभियान, लोगों की सुरक्षित निकासी और राहत कार्यों का प्रदर्शन भी किया। इस संयुक्त अभ्यास के माध्यम से विभिन्न विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत करने का प्रयास किया गया। साथ ही कठिन हिमालयी क्षेत्रों में आपदा के समय तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता को बेहतर बनाने पर भी फोकस रहा। भारतीय सेना ने इस पहल के जरिए स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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