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'वाहनों के काफिले को कम किया जाए...' शिवराज सिंह चौहान के बड़े फैसले, कृषि और ग्रामीण विकास में सादगी व स्वदेशी पर भी दी जोर | Collector
'वाहनों के काफिले को कम किया जाए...' शिवराज सिंह चौहान के बड़े फैसले, कृषि और ग्रामीण विकास में सादगी व स्वदेशी पर भी दी जोर
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'वाहनों के काफिले को कम किया जाए...' शिवराज सिंह चौहान के बड़े फैसले, कृषि और ग्रामीण विकास में सादगी व स्वदेशी पर भी दी जोर

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप राष्ट्रहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसके तहत उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग, आईसीएआर और लैंड रिसोर्सेज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक बुलाई और आवश्यक निर्देश जारी किए। मंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के लिए कई कदमों की घोषणा की। उन्होंने अपने काफिले को घटाकर केवल तीन वाहनों तक सीमित करने का निर्णय लिया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाए और समान कार्य करने वाले कर्मचारियों को वैकल्पिक दिनों में कार्यालय बुलाने पर विचार किया जाए। इसके अलावा, कार पूलिंग व्यवस्था को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। कृषि क्षेत्र में टिकाऊ विकास को ध्यान में रखते हुए ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इसके साथ ही गांव-गांव में ‘खेत बचाओ समितियों’ के गठन की योजना बनाई गई है। मंत्री ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही और सुझाव दिया कि किसान अपने खेत के कम से कम एक हिस्से में प्राकृतिक खेती को अपनाएं। सरकारी स्तर पर अनावश्यक खर्चों को रोकने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने को कहा गया है। इसके अलावा, अत्यधिक आवश्यक होने पर ही विदेश यात्राएं करने और अधिकांश बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने की सलाह दी गई है। स्वदेशी पर्यटन को बढ़ावा देने और अनावश्यक विदेशी यात्रा से बचने पर भी बल दिया गया है। प्रशिक्षण और बैठकों में स्थानीय उत्पादों, मोटे अनाज और स्वदेशी खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य तेलों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है, जिसमें प्रत्येक अधिकारी को कम से कम पांच परिवारों को भी जागरूक करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने और ‘लोकल फॉर वोकल’ व ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों के तहत भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, आईसीएआर, कृषि शिक्षा और लैंड रिसोर्सेज विभाग मिलकर देशभर में जनजागरूकता अभियान चलाएंगे। इन सभी पहलों का उद्देश्य राष्ट्रहित, जनहित और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करना बताया गया है।

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