Sudarshan News
इनपुट- ज्ञानेश लोहानी, लखनऊ एस०टी०एफ०, उत्तर प्रदेश को Facebook/Instagram /Whatsapp पर USA/UK के नागरिकों की Fake Profile बनाकर भारतीय युवक/युवतियों से दोस्ती कर, महंगे गिफ्ट व डालर / पाउंड लेकर भारत आने का झांसा देकर, फिर एयरपोर्ट पर महंगे गिफ्ट व डालर / पाउंड पकडे जाने की बात बताकर, कस्टम अधिकारी / इनकम टैक्स अधिकारी बनकर अधिक कैश या कीमती गिफ्ट होने की बात बताकर, कस्टम ड्यूिटी व इनकम टैक्स जमा करने के नाम पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले नाईजीरियन युवक को दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई। एस०टी०एफ०, उत्तर प्रदेश को विगत काफी समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अमेरिका एवं यूनाइटेड किंगडम के नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवक/युवतियों को प्रेमजाल में फंसा कर, महंगे गिफ्ट व डालर / पाउंड लेकर भारत आने का झांसा देकर, फिर एयरपोर्ट पर महंगे गिफ्ट व डालर पाउंड पकड़े जाने की बात बताकर, कस्टम अधिकारी /इनकम टैक्स अधिकारी बनकर अधिक कैश या कीमती गिफ्ट होने की बात बताकर, कस्टम ड्यूिटी व इनकम टैक्स जमा करने के नाम पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले नाईजीरियन गिरोहों के सक्रिय होने की सचूनाएं प्राप्त हो रही थीं। जिसके क्रम में विशाल विक्रम सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, एस०टी०एफ०, उ०प्र० के पर्यवेक्षण में एस०टी०एफ० मुख्यालय स्थित साइबर टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी तथा अभिसूचना तंत्र को संक्रिय किया गया। अभिसूचना संकलन के माध्यम से ज्ञात हुआ कि अगस्त 2025 में डालीगंज लखनऊ निवासी एक युवक से फेसबुक पर इंग्लैंड निवासी डोरिस विलियम के नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती कर प्रेमजाल में फंसाया गया। फिर भारत घूमने की बात की गयी। इसके बाद कथित डोरिस विलियम द्वारा माह सितम्बर 2025 में लगभग 03 करोड़ भारतीय रूपये कीमत का पाउण्ड लेकर दिल्ली एयरपोर्ट आने की बात बतायी गयी। इसके बाद एक कथित कस्टम अधिकारी द्वारा युवक को काल कर बताया गया कि डोरिय विलियम जो आपसे मिलने आयी हैं उनके पास लगभग 3 करोड़ भारतीय रूपये की कीमत के पाउंड हैं। जिसे प्राप्त करने हेतु आपको कस्टम चार्ज के रूप में 61500 रूपये जमा करने हैं, तब यह पाउंड डोरिस विलियम को मिलेगा जिसके पश्चात् डोरिस विलियम द्वारा दिये गये यूपीआई पर युवक ने उपरोक्त धनराशि ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद डोरिस विलियम द्वारा कस्टम चार्ज, इनकम टैक्स, व जीएसटी आदि के रूप में अंतिम भुगतान बताकर लगभग 40 लाख रूपये जमा करा लिये गये। जिसके पश्चात् एक कथित रेमिटेंश आफिसर द्वारा बताया गया कि आपका जो पैसा जमा हुआ है मैं उसको वापस कराने के लिए विदेश से आया हूँ। जिसके कहने पर भी उपरोक्त युवक द्वारा लगभग 28 लाख रूपये जमा कर दिया गया। जिसके लिए युवक को एक फेक आरबीएस सर्टिफिकेट यूनाइटेड किंगडम इंग्लैंड के नाम का भेजा गया। यह प्रक्रिया माह जनवरी 2026 तक चलती रही। इसके बाद भी जब रूपया नही मिला तो उपरोक्त युवक द्वारा थाना मदेयगंज कमिश्ररेट लखनऊ के मु०अ०सं० 33/2026 पंजीकृत कराया गया। गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ पर बताया कि मै नाइजिरिया का रहने वाला हूँ। वर्ष 2010 में भारत में कपडे का बिजनेस करने आया था। 5-6 वर्ष काम किया पर इसमें प्राफिट नही हो रहा था। मेरे देश के कुछ और युवक जो दिल्ली में ही रह रहे थे उन्होने मुझे बताया कि हम लोग Facebook/Instagram पर USA/UK के नागरिकों की Fake Profile बनाते हैं। फिर भारतीय युवतियों से दोस्ती करते हैं। इसके बाद महंगे गिफ्ट व डालर / पाउंड देने का झांसा देकर, फिर एयरपोर्ट पर महंगे गिफ्ट व डालर / पाउंड पकड़े जाने की बात बताते हैं। फिर कस्टम अधिकारी / इनकम टैक्स अधिकारी बनकर अधिक कैश या कीमती गिफ्ट होने की बात बताकर, कस्टम ड्यूिटी व इनकम टैक्स जमा करने के नाम पर ठगी करते हैं। इसके बाद रूपये कमाने की लालच में आकर मैं भी यह काम करने लगा। वर्ष 2020 में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा मुझे इसी अपराध में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद मै लगभग चार वर्ष जेल में रहा।
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