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लखनऊ मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में राजकीय एवं स्वैच्छिक संस्थाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न | Collector
लखनऊ मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में राजकीय एवं स्वैच्छिक संस्थाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न
Sudarshan News

लखनऊ मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में राजकीय एवं स्वैच्छिक संस्थाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न

इनपुट- अंशुमान दुबे, लखनऊ मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में महिला कल्याण विभाग, उ0प्र0 द्वारा संचालित राजकीय एवं स्वैच्छिक संस्थाओं की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयुक्त सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में उप निदेशक महिला कल्याण लखनऊ मण्डल, जिला प्रोबेशन अधिकारी हरदोई एवं रायबरेली सहित विभिन्न राजकीय एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के संस्थाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मण्डलायुक्त द्वारा संस्थाओं में आवासित बच्चों की सुरक्षा, देख-रेख, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, मनोरंजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की गहन समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक संस्था में बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उनके सर्वांगीण विकास में सहायता मिल सके। मण्डलायुक्त ने किशोर न्याय अधिनियम तथा समय-समय पर शासन एवं विभाग द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित मानकों के अनुपालन की संस्थावार समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी संस्था में मानकों की अनदेखी न हो तथा यदि किसी प्रकार की कठिनाई अथवा संसाधनों की आवश्यकता हो तो उसे तत्काल विभागीय स्तर पर संज्ञान में लाया जाए। मण्डलायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि संस्थाओं में आवासित बच्चों की शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल औपचारिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें विभिन्न व्यावसायिक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाए, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। बैठक में मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि सभी बच्चों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने संस्थाओं में स्वच्छता, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया। मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि संस्थाओं में आवासित प्रत्येक बच्चे की विशेषज्ञों के माध्यम से मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग कराई जाए तथा उनकी व्यक्तिगत प्रोफाइलिंग की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि, क्षमता एवं मानसिक स्थिति के अनुरूप उन्हें विभिन्न शैक्षिक, तकनीकी एवं रचनात्मक पाठ्यक्रमों से जोड़ा जाए, जिससे उनके व्यक्तित्व का समुचित विकास हो सके। संस्थाओं में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु मण्डलायुक्त द्वारा थर्ड पार्टी निरीक्षण कराए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र एजेंसियों अथवा विशेषज्ञ संस्थाओं के माध्यम से समय-समय पर निरीक्षण कराया जाए, जिससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन हो सके। मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि संस्थाओं में आवासित बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु सिविल सोसायटी ऑर्गनाइजेशन, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न क्लबों के सदस्यों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ नियमित संवादात्मक एवं प्रेरणात्मक सत्र आयोजित किए जाएं, जिससे उनमें आत्मविश्वास एवं सामाजिक सहभागिता की भावना विकसित हो सके। बैठक में मण्डलायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए उन्हें समय-समय पर एक्सपोजर विजिट, शैक्षिक भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद एवं अन्य मनोरंजनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में सकारात्मक सोच एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगी। मण्डलायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं संस्थाध्यक्षों को निर्देशित किया कि बच्चों से संबंधित प्रत्येक विषय में संवेदनशील, मानवीय एवं उत्तरदायी दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि संस्थाओं में आवासित प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन एवं समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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