Sudarshan News
भारतीय वायुसेना के प्रतिष्ठित एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल (AFTPS), बेंगलुरु में 48वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स का ग्रेजुएशन समारोह आयोजित किया गया। 48 सप्ताह तक चले कठिन और बहुआयामी प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद 11 टेस्ट पायलट और 6 फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर सफलतापूर्वक प्रशिक्षित होकर बाहर निकले। इस बैच में कुल 17 अधिकारी शामिल थे, जिनमें भारतीय वायुसेना के 14 अधिकारी, भारतीय सेना का एक अधिकारी और भारतीय नौसेना के दो अधिकारी शामिल रहे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये अधिकारी अब एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट (ASTE) के एविएशन विंग में अपनी सेवाएं देंगे, जिसे भारतीय वायुसेना की प्रमुख इकाइयों में गिना जाता है। समारोह में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वह स्वयं भी 17वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स के पूर्व छात्र रह चुके हैं। उन्होंने सभी सफल अधिकारियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया। इस वर्ष “सुरंजन दास ट्रॉफी” सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड टेस्ट पायलट के रूप में स्क्वाड्रन लीडर केके सिंह को प्रदान की गई। वहीं, फ्लाइट इवैल्यूएशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “चीफ ऑफ एयर स्टाफ ट्रॉफी” स्क्वाड्रन लीडर आदित्य जमदग्नी को दी गई। फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर श्रेणी में विंग कमांडर अभिनव कुमार को “महाराजा हनुमंत सिंह स्वॉर्ड” से सम्मानित किया गया। इसके अलावा विंग कमांडर प्रणव शर्मा को फ्लाइट इवैल्यूएशन में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए “डनलप ट्रॉफी” मिली, जबकि ग्राउंड विषयों में उत्कृष्टता के लिए स्क्वाड्रन लीडर पारस शर्मा को “कपिल भार्गव ट्रॉफी” प्रदान की गई। अपने संबोधन में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अधिकारियों से निरंतर मेहनत और समर्पण के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ये अधिकारी भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता वृद्धि और आधुनिकीकरण में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूत रक्षा प्रणाली के लिए बेहद जरूरी बताते हुए कहा कि स्वदेशी रक्षा तकनीकों को आगे बढ़ाने में टेस्ट क्रू की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि रक्षा उपकरणों के डिजाइन से लेकर डिलीवरी तक के समय को कम करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्च मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को ईमानदारी, सटीकता और उत्कृष्टता जैसे मूल्यों को हमेशा बनाए रखने की सलाह दी।
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