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'कूटनीति' में आज बात अमेरिकी डॉलर के उस साम्राज्य की, जिसमें अब बड़ी दरारें दिखने लगी हैं. चीन और पाकिस्तान ने मिलकर खामोशी से डॉलर को बाय-बाय कहना शुरू कर दिया है. मई 2026 के ताजा आंकड़े गवाह हैं कि दोनों देशों के बीच होने वाला करीब 25 फीसदी व्यापार अब डॉलर में नहीं, बल्कि चीनी करेंसी 'युआन' में शिफ्ट हो चुका है. इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने पहली बार 'पांडा बॉन्ड्स' के जरिए चीन के घरेलू बाजार से सीधे युआन में 25 करोड़ डॉलर का कर्ज लिया है.
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