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नेपाल में पिछले साल हुए जेन जी प्रोटेस्ट पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट आने के बाद बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है. रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली, रबी लामिछाने समेत कई नेताओं, मंत्रियों और सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं. जेल ब्रेक, हिंसा, आगजनी और सोशल मीडिया बैन को लेकर कार्रवाई की सिफारिश की गई है.
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