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महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट के बाद राज्य के शीर्ष नेता तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए दिल्ली पहुंचे. केंद्र ने प्रत्यक्ष खरीद, पारदर्शी ग्रेडिंग और निर्यात पर प्रतिबंध न लगाने का वादा किया, लेकिन किसानों का कहना है कि बार-बार होने वाले नीतिगत झटके, फसलों की क्षति और कम कीमतें उन्हें और भी गहरे संकट में धकेल रही हैं.
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