भाजपा आलाकमान कई वर्षों से नए और अप्रत्याशित चेहरे को मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष बना रही है, लेकिन दिल्ली के मामले में अलग रास्ता चुना गया है।