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INS सुदर्शिनी ने रचा इतिहास; ट्रांस-अटलांटिक यात्रा पूरी कर पहुंचा एंटीगुआ | Collector
INS सुदर्शिनी ने रचा इतिहास; ट्रांस-अटलांटिक यात्रा पूरी कर पहुंचा एंटीगुआ
Sudarshan News

INS सुदर्शिनी ने रचा इतिहास; ट्रांस-अटलांटिक यात्रा पूरी कर पहुंचा एंटीगुआ

भारतीय नौसेना के सेल ट्रेनिंग शिप INS सुदर्शिनी ने ऐतिहासिक ट्रांस-अटलांटिक समुद्री यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करते हुए 27 मई 2026 को एंटीगुआ पहुंचकर नया अध्याय रच दिया। यह यात्रा ‘लोकायन-26’ अभियान के तहत की जा रही है। एंटीगुआ पहुंचने पर जहाज का स्वागत भारत के मानद वाणिज्य दूत विजय तेवानी और एंटीगुआ एवं बारबुडा डिफेंस फोर्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। यह पहली बार है जब INS सुदर्शिनी ने अटलांटिक महासागर को पार किया है। इससे पहले भारतीय नौसेना का INS तरंगिनी वर्ष 2007 में ऐसा अभियान पूरा कर चुका था। केप वर्डे के मिंडेलो से एंटीगुआ तक का सफर अभियान का सबसे लंबा चरण माना गया, जो करीब 19 दिनों तक चला। इस दौरान जहाज ने मुख्य रूप से पाल (Sail) के सहारे समुद्री यात्रा की, जिससे पारंपरिक नौवहन कौशल और समुद्री सहनशक्ति का प्रदर्शन देखने को मिला। यात्रा के दौरान जहाज और उसके चालक दल को ऊंची समुद्री लहरों और तेज हवाओं जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद चालक दल ने सतर्क निगरानी, बेहतर समन्वय और पारंपरिक नेविगेशन तकनीकों के जरिए सफलतापूर्वक यात्रा पूरी की। INS सुदर्शिनी ने इस अभियान के दौरान एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। जहाज ने कोच्चि से 20 जनवरी 2026 को रवाना होने के बाद अब तक 10,000 नॉटिकल माइल्स से अधिक की दूरी तय कर ली है। लोकायन-26 अभियान का उद्देश्य समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत करना और भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है। पश्चिम एशिया, भूमध्यसागर, यूरोप और अफ्रीका के कई बंदरगाहों की सफल यात्रा के बाद अब INS सुदर्शिनी अभियान के कैरेबियन और अमेरिकी चरण में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान जहाज अमेरिका में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित SAIL 250 कार्यक्रम में भी भाग लेगा। एंटीगुआ प्रवास के दौरान जहाज का चालक दल विभिन्न पेशेवर चर्चाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सा लेगा। इसके बाद INS सुदर्शिनी अमेरिका के नॉरफॉक बंदरगाह की ओर रवाना होगा।

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