Sudarshan News
भारतीय थल सेना प्रमुख (COAS) ने अपने करियर की शुरुआत जिस राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से की थी, उसी संस्थान में वे आज सर्वोच्च पद पर पहुंचकर लौटे। यह केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि उस यात्रा की याद दिलाने वाला क्षण था जहां से एक युवा कैडेट ने देश सेवा का सपना देखा था। सेना प्रमुख का सैन्य जीवन एनडीए के चार्ली स्क्वाड्रन से शुरू हुआ था, जहां उन्होंने 65वें कोर्स के कैडेट के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहीं से शुरू हुई उनकी यात्रा आज भारतीय सेना के सर्वोच्च पद तक पहुंची है, जो उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन का प्रतीक मानी जा रही है। 30 मई 2026 को आयोजित एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड में सेना प्रमुख समीक्षा अधिकारी (Reviewing Officer) के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नए कैडेट्स को संबोधित किया और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए समर्पण और अनुशासन का संदेश दिया। 150वां कोर्स करेगा देश सेवा की शुरुआत एनडीए का 150वां कोर्स कल औपचारिक रूप से पास आउट होकर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अपनी सेवाएं शुरू करेगा। यह अवसर उन नए अफसरों के लिए भी प्रेरणादायक रहा, जिन्होंने सेना प्रमुख को उसी परिसर में देखा जहां से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी। सेना प्रमुख की यह वापसी इस बात का उदाहरण है कि महान नेतृत्व अक्सर उन्हीं जगहों से जन्म लेता है जहां से व्यक्ति ने अपने सपनों की शुरुआत की होती है। उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो यह दिखाता है कि मेहनत, अनुशासन और समर्पण से कोई भी व्यक्ति सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
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