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जनरल सुब्रमणि ने देश के नए CDS का पदभार संभाला:पाकिस्तान-चीन मामलों के एक्सपर्ट हैं; असली टास्क सेना में थिएटर कमांड मॉडल को लागू करना होगा | Collector
जनरल सुब्रमणि ने देश के नए CDS का पदभार संभाला:पाकिस्तान-चीन मामलों के एक्सपर्ट हैं; असली टास्क सेना में थिएटर कमांड मॉडल को लागू करना होगा
Dainik Bhaskar

जनरल सुब्रमणि ने देश के नए CDS का पदभार संभाला:पाकिस्तान-चीन मामलों के एक्सपर्ट हैं; असली टास्क सेना में थिएटर कमांड मॉडल को लागू करना होगा

देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने रविवार को पदभार संभाल लिया। दिल्ली में उन्हें साउथ ब्लॅाक लॅान्स में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वे देश के तीसरे CDS है। उन्होंने जनरल अनिल चौहान की जगह ली है। जनरल चौहान शनिवार को रिटायर हुए थे। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, रक्षा मंत्रालय और सभी संबंधित संस्थान देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कहा, आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा का एक प्रमुख स्तंभ है। स्वदेशी हथियारों के विकास, उनकी खरीद और सशस्त्र बलों में उनके एकीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, ताकि देश की रक्षा क्षमताएं और मजबूत हो सकें। गढ़वाल राइफल्स से सेना में कमीशन लिया था सुब्रमणि ने पढ़ाई और ट्रेनिंग: एनएस राजा सुब्रमणि ने दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स से सेना में कमीशन लिया था। उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से सैन्य प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद वे ब्रिटेन के ब्रैकनेल स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज भी गए। भारत लौटने के बाद उन्हें माउंटेन ब्रिगेड में ब्रिगेड मेजर की जिम्मेदारी दी गई। बाद में उन्होंने दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से पढ़ाई की। उनके पास लंदन के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में एमफिल की डिग्री भी है। आर्मी में सर्विस: सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। यह पद उन्होंने सितंबर 2025 से संभाला हुआ है। इससे पहले उन्होंने जुलाई 2024 से जुलाई 2025 के बीच सेना उप-प्रमुख के रूप में कार्य किया था। 35 साल से ज्यादा लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और रणनीतिक पदों पर कार्य किया है। सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में चीफ इंस्ट्रक्टर रहे। क्या होता है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) देश की तीनों सेना यानी आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के बीच तालमेल बनाने वाला सबसे सीनियर मिलिट्री ऑफिसर होता है। यह चार-स्टार रैंक का पद है। CDS, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CoSC) का स्थायी चेयरमैन और रक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (DMA) का प्रमुख भी होता है। इस पद का मकसद तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाना, संयुक्त सैन्य रणनीति तैयार करना और रक्षा मामलों में फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना है। दिसंबर 2019 में यह पद बनाया गया था। बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे। CDS सरकार और रक्षा मंत्रालय को सैन्य मामलों में सलाह देता है। वह सैन्य खरीद, लॉजिस्टिक्स, संयुक्त ऑपरेशन, साइबर और स्पेस से जुड़े समन्वय पर भी काम करता है। न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी में भी CDS की अहम भूमिका होती है। अब तक दो सीडीएस बन चुके हैं। पहले सीडीएस बिपिन रावत 2019 में बने थे। उसके बाद अनिल चौहान ने 2022 में यह जिम्मेदारी संभाली थी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेना प्रमुखों की भूमिकाओं में अंतर? CDS तीनों सेनाओं का ऑपरेशनल प्रमुख नहीं होता। आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की कमान उनके अपने-अपने प्रमुखों के पास ही रहती है। CDS सीधे सैन्य आदेश जारी नहीं करता, बल्कि तीनों सेनाओं और सरकार के बीच समन्वय की भूमिका निभाता है। आर्मी, नेवी या एयरफोर्स को सैन्य कमांड देने का काम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की सलाह पर उनके प्रमुख ही करते हैं।

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