Rajasthan Patrika
Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत निजता के मौलिक अधिकार का अभिन्न हिस्सा मानते हुए भूल जाने के अधिकार को मान्यता दे दी। जस्टिस सचिन दत्ता ने निर्णय सुनाते हुए कहा कि ऑनलाइन न्यायिक दस्तावेजों से व्यक्तिगत जानकारी को हटाने या छिपाने की मांग की जा सकती है। जहां लगातार पहुंच के कारण उनकी निजता और प्रतिष्ठा को नुकसान हो रहा हो।
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