Dainik Bhaskar
बठिंडा में एक युवक को टैक्सी चलाते एक विधवा से प्यार हो गया। दोनों लिव-इन रिलेशन में साथ रहने लगे। 4 साल तक उनका साथ रहा। यहां तक कि महिला ने उसे शादी तक नहीं करने दी। मगर, विधवा गर्लफ्रेंड की बेटी को 4.50 लाख रुपए दिए तो तकरार शुरू हो गई। गुस्साई महिला ने युवक को घर से निकाल दिया। उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आखिरकार युवक ने तंग आकर पहले वीडियो बनाया। फिर उस कार को फूंक दिया, जिसमें महिला मिली थी और आखिर में सल्फास की गोलियां खाकर सुसाइड कर लिया। वीडियो में उसने कहा कि ये सुसाइड नहीं कत्ल है, जिनके मैं नाम ले रहा, सब पर कार्रवाई हो, मुझे इंसाफ मिले। इस पूरे मामले के बाद पुलिस ने तलवंडी साबो थाने में FIR दर्ज कर आरोपी गर्लफ्रेंड को अरेस्ट कर लिया। उसकी मां, बेटे व बहन की तलाश की जा रही है। लव, लिव इन रिलेशन और सुसाइड, पूरी कहानी पढ़िए:- ज्योति-चरनप्रीत की मुलाकात, लिव इन तक पहुंची बात:- ₹4.5 लाख का लेन-देन, शुरू हुआ विवाद:- सुसाइड से पहले VIDEO में चरनप्रीत की 5 अहम बातें:- सुसाइड से एक दिन पहले क्या हुआ:- भाई को सुबह वॉट्सएप पर वीडियो मिला तो पता चला बड़े भाई ने पुलिस को बताया कि जब वह 30 मई की सुबह उठा तो उसने अपना मोबाइल फोन चेक किया, तो उसके वॉट्सएप पर छोटे भाई चरनप्रीत की तरफ से एक वीडियो मैसेज आया हुआ था। चरनजीत ने जैसे ही उस वीडियो को प्ले किया तो चरनप्रीत अपने सुसाइड के बारे में बोल रहा था। चरनजीत ने तुरंत अपने मामा यादविंदर सिंह को फोन किया और उन्हें सारी बात बताई। दोनों चरनप्रीत की तलाश में निकले। जब वे ढूंढते हुए गांव जगराम तीर्थ के पास खेतों वाले रास्ते पर पहुंचे, तो सड़क पर उसकी कार जली हुई थी और खेतों में उसका शरीर पड़ा था। पुलिस ने ज्योति बंसल को पकड़ा, बाकियों की तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही थाना तलवंडी साबो के ए.एस.आई. (ASI) बलजीत सिंह पुलिस फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया, साक्ष्य जुटाए और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के बड़े भाई चरनजीत सिंह के लिखित बयानों और मृतक चरनप्रीत सिंह के आखिरी सुसाइड वीडियो को मुख्य आधार बनाते हुए पुलिस ने तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। एएसआई बलजीत सिंह ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी महिला ज्योति बंसल को बरनाला से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, सुसाइड वीडियो में बताए बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लुधियाना, नाभा और अन्य ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुसाइड वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है और मोबाइल के कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले जा रहे हैं ताकि ब्लैकमेलिंग और पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत अदालत के सामने पेश किए जा सकें।
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