Rajasthan Patrika
India Nepal border dispute: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के कथित सीमा विवाद पर दिए बयान पर भारत ने मंगलवार को कहा कि यह मुद्दा द्विपक्षीय है। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। दोनों देशों के बीच पहले से द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है। दरअसल, बालेन ने ब्रिटेन से मध्यस्थता की मांग की थी। उनका तर्क था कि विवाद की जड़ 1816 की सुगौली संधि है, जिसका ब्रिटेन पक्षकार था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस पर कहा कि 98% सीमा का सीमांकन हो चुका है। गंडक नदी के मार्ग में समय के साथ हुए बदलाव के कारण कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में समस्याएं पैदा हुई हैं। सीमापार अतिक्रमण और नो मैन्स लैंड पर कब्जे के कुछ मामले सामने आए हैं। इन क्षेत्रों का दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से मानचित्रण किया जा रहा है।
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