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राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक केंद्रीय मंत्री के कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, भारत सरकार और असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। बैठक का उद्देश्य केंद्र और राज्य की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना था। दोनों नेताओं ने कृषि क्षेत्र को अधिक आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए रणनीतियों पर विचार किया। इसमें मशीन आधारित खेती को बढ़ावा देना, कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार, मजबूत बाजार संपर्क प्रणाली विकसित करना और सप्लाई चेन को बेहतर बनाना प्रमुख विषय रहे। बैठक में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के बेहतर उपयोग और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के उपायों पर भी विचार किया गया। उद्देश्य यह था कि किसानों को अधिक स्थिर और लाभकारी व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके। ‘लखपति दीदी योजना’ पर विशेष समीक्षा चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी योजना’ भी रही। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत असम में लगभग 40 लाख महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने इस योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद प्रभावशाली बताया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत विकसित हो रहे हैं। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र और राज्य मिलकर किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों पक्षों ने समावेशी ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मुलाकात को उपयोगी और प्रेरणादायक बताया और कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का प्रशासनिक अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे नीतियों को और बेहतर दिशा मिलती है। बैठक के अंत में यह निष्कर्ष निकला कि कृषि क्षेत्र में सुधार और महिला सशक्तिकरण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से असम के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
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