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रात करीब 3 बजे... अस्पताल की गलियों में बेचैनी थी. ICU में मशीनों की 'बीप-बीप' आवाजें गूंज रही थीं. मरीज जिंदगी और मौत के बीच लटके थे. तभी अचानक... धुआं उठने लगा. पहले हल्का, फिर इतना कि सांस लेना मुश्किल हो गया. और कुछ ही मिनटों में ICU गैस चैंबर में बदल गया. बाहर परिजन थे... अंदर उनके अपने लोग थे... और बीच में थी वो आग, जिसने तीन लोगों की जान ले ली.
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