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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और CM सुवेंदु अधिकारी की बैठक; बंगाल के लिए ₹19,209 करोड़ की समुद्री योजना पर हुई चर्चा | Collector
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और CM सुवेंदु अधिकारी की बैठक; बंगाल के लिए ₹19,209 करोड़ की समुद्री योजना पर हुई चर्चा
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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और CM सुवेंदु अधिकारी की बैठक; बंगाल के लिए ₹19,209 करोड़ की समुद्री योजना पर हुई चर्चा

कोलकाता में केंद्रीय पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य को पूर्वी भारत के प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान करीब ₹19,209 करोड़ के प्रस्तावित निवेश रोडमैप और उससे जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा की गई। सरकार की योजना के अनुसार, इस समुद्री विकास कार्यक्रम से पश्चिम बंगाल में 2031 तक लगभग 62,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है। यह पहल न केवल रोजगार बढ़ाने पर केंद्रित है, बल्कि राज्य को एक मजबूत लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बंदरगाहों, जलमार्गों और लॉजिस्टिक्स पर फोकस बैठक में बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास, शिपबिल्डिंग और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। योजना के तहत बालागढ़ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब, कोलकाता और हल्दिया डॉक के विस्तार और यंत्रीकरण जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। ‘मैरिटाइम अमृत काल विजन 2047’ के तहत बड़ा खाका यह पूरी विकास योजना ‘मैरिटाइम अमृत काल विजन 2047’ के अंतर्गत तैयार की जा रही है। इसके तहत क्रूज़ टूरिज्म, रिवरफ्रंट डेवलपमेंट, शिप रिपेयर यूनिट्स और पोर्ट-आधारित औद्योगिक क्लस्टर्स के विकास की भी रूपरेखा बनाई गई है। सरकार का उद्देश्य निजी निवेश को आकर्षित कर राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। बैठक में सागरमाला 2.0 परियोजना, हुगली नदी पर प्रस्तावित टनल, जेटी इंफ्रास्ट्रक्चर और राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के विकास जैसे मुद्दों पर भी विचार हुआ। इसके अलावा हुगली तटबंध सुरक्षा, भूमि और सिंचाई से जुड़े ढांचे को मजबूत करने पर भी बातचीत की गई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि स्यामाप्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर कार्गो हैंडलिंग 2014 में 46.29 मिलियन मीट्रिक टन थी, जो बढ़कर 2025-26 में 70.87 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। इसके साथ ही पिछले एक दशक में अंतर्देशीय जलमार्गों से माल ढुलाई में लगभग पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का मानना है कि पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति, नदी नेटवर्क और औद्योगिक आधार इसे पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स और समुद्री केंद्र बना सकते हैं। प्रस्तावित निवेश और परियोजनाएं राज्य में व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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